Phala Ghrita (Uterine Tonic) फल गृहिता (गर्भाशय टॉनिक)

Phala Ghrita (Uterine Tonic)

Ingredients: Ashwagandha, Shatavari, Tagar and other herbs (Ashangarha Code) along with murphy, Triphala, Barahrindra, Kutki, Yastimadhu

Phala Ghrita
Phala Ghrita
  • Grate (clear butter with cow’s milk)
  • Triphala (Hardar, Bheda and Amla)
  • Musta (Cypress Rotunds)
  • Haridra (Karakuma Longa)
  • Jasmine juice (sour lemon juice)
  • Satavari (Asparagus Geismos)
  • Milk (goat’s milk)
  • Major (Rubia Cordifolia)
  • Madhuka (Honey)
  • Kust (Sassuria Lappa)
  • Government (Chinese)
  • Bala (Sida Cordifolia)
  • Mela (polygonous headifolium)
  • Videri (Puyariya Tuborosa)
  • Asvagandha
  • Parsley (Trekispermum Roxburgenum)
  • Haridradvaya
  • Hingu (asafoetida)
  • Katki (Pyramidja Kurro)
  • Kamala (Mallotus Filipinensis)
  • Vitis vinifera
  • Candanadvaya
  • Kakoli (Lilium polyphylum)
  • Vitiligo (Lilium polyphylum).

Hint:

Phal kalyanaka ghrita is useful in displaying the following symptoms:

  • Exposure (vaginal discharge)
  • Aartav (Emmanoria / Oligomania)
  • Kasturwa (Dishmanoria).

Dosage: 10-20 grams per day with hot water

A famous uterine tonic is used to increase the strength of the mother and embryos during pregnancy. Swelling and heavy bleeding are also used in other gynecological problems.

Classical lessons:

B.R. (Bhadragayaratnavani), Vradhyadaraja

Anupana:

With milk and sita (types of sugars).

फल गृहिता (गर्भाशय टॉनिक)

सामग्री: मंजिष्ठा, त्रिफला, दारुहरिद्रा, कुटकी, यस्तिमाधु के साथ अश्वगंधा, शतावरी, तगर और अन्य जड़ी बूटियां (अष्टांगह्रदय संहिता)

  • घृत (गाय के दूध से स्पष्ट मक्खन)
  • त्रिफला (हरड़, बहेडा और आंवला)
  • मस्टा (साइपरस रोटंडस)
  • हरिद्रा (करकुमा लोंगा)
  • जंबिरा रस (खट्टे नींबू का रस)
  • सतावरी (शतावरी जातिमोसस)
  • दुग्धा (बकरी का दूध)
  • मंजिष्ठ (रुबिया कॉर्डिफ़ोलिया)
  • मधुका (हनी)
  • कुस्त (सौसुरिया लप्पा)
  • सरकार (चीनी)
  • बाला (सिदा कॉर्डिफोलिया)
  • मेदा (बहुभुज सिरसिफोलियम)
  • विदारी (पुएरिया ट्यूबरोसा)
  • Asvagandha
  • अजमोदा (ट्रेकिस्पर्मम रोक्सबर्गियनम)
  • Haridradvaya
  • हिंगु (हींग)
  • कटुकी (पयक्रमिजा कुर्रो)
  • कमला (मल्लोटस फिलिपिनेंसिस
  • ड्रेक्सा (Vitis vinifera)
  • Candanadvaya
  • काकोली (लिलियम पॉलीफाइलम)
  • क्षीरककोली (लिलियम पॉलीफाइलम)।

संकेत:

Phal kalyanaka ghrita निम्नलिखित लक्षणों को प्रदर्शित करने में उपयोगी है:

  • प्रदारा (योनि स्राव)
  • आरतव (एमेनोरिया / ओलिगोमेनोरिया)
  • कस्तूरवा (डिसमेनोरिया)।

खुराक: गर्म पानी के साथ प्रति दिन १०-२० ग्राम

एक प्रसिद्ध गर्भाशय टॉनिक का उपयोग करता है जो गर्भावस्था के दौरान मां और भ्रूण की ताकत बढ़ाने के लिए लिया जाता है। सूजन और अत्यधिक रक्तस्राव होने पर अन्य स्त्रीरोग संबंधी समस्याओं में भी उपयोग किया जाता है।

शास्त्रीय पाठ:

बी.आर. (भैषज्यरत्नावली), वृहदाराधिकारा।

Anupana:

दूध और सीता (शकर के प्रकार) के साथ।

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